नगर निगम की लापरवाही उजागर: दिव्यांग खुले नाले में गिरा, मौत के मुहाने से लौटी जिंदगी
गाजियाबाद। इंदिरापुरम क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बृहस्पतिवार सुबह बर्गर लेने आए एक दिव्यांग व्यक्ति की जान उस समय खतरे में पड़ गई जब वह गौड़ ग्रीन सोसायटी के पास स्कूटी समेत 15 फीट गहरे खुले नाले में गिर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह सीढ़ी लगाकर उसे बाहर निकाला। हादसे में उसकी कमर में गंभीर चोटें आईं और गंदा नाला का पानी मुंह में जाने से तबीयत भी बिगड़ गई।
कैसे हुआ हादसा
खोड़ा के सुभाष पार्क निवासी दिव्यांग संतोष यादव सुबह करीब 8:15 बजे बच्चों के लिए बर्गर लेने आए थे। लौटते समय करीब 8:20 बजे जब उन्होंने स्कूटी को बैक करके मोड़ा तो खुले नाले पर ध्यान नहीं गया और गाड़ी समेत गिर पड़े। नाले की गहराई लगभग 15 फीट थी, जिससे उनकी कमर पर गंभीर चोट आ गई।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान
आसपास के व्यापारियों और राहगीरों ने तुरंत सीढ़ी लगाकर उन्हें बाहर निकाला। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, वरना स्थिति जानलेवा हो सकती थी। संतोष यादव ने बताया कि गंदा पानी मुंह में जाने के बाद से ही उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
नगर निगम पर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुलाई में नगर निगम ने नाले की सफाई कराई थी, लेकिन उसके बाद रैंप नहीं लगाए गए। पहले जो रैंप व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा के लिए लगाए थे, उन्हें भी तोड़ दिया गया। यही वजह है कि आए दिन लोग इस नाले में गिरते रहते हैं।
पहले भी हो चुके हादसे
व्यापारियों और निवासियों ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ माह पहले एक बच्चा भी इसी नाले में गिर गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से बचाया गया। कई वाहन चालक भी यहां हादसे का शिकार हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम अधिकारी तभी जागेंगे, जब कोई बड़ा हादसा जानलेवा साबित होगा।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
लोगों का कहना है कि नगर निगम की यह लापरवाही सीधे तौर पर आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ है। साफ-सफाई के नाम पर खानापूर्ति तो कर दी जाती है, लेकिन सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया जाता। अब निवासियों ने मांग की है कि नाले को तुरंत ढका जाए और रैंप की व्यवस्था की जाए।